कलीसियाओं में एक उपेक्षित चर्चा

विवाह, विवाह-विच्छेद और पुनर्विवाह के विषय में पवित्रशास्त्र वास्तव में क्या सिखाता है?
विवाह मानव जीवन और परिवार की नींव है। फिर भी विवाह, विवाह-विच्छेद और पुनर्विवाह जैसे विषयों पर मसीही समाज में अनेक मत और धारणाएँ प्रचलित हैं। अलग-अलग कलीसियाओं और संप्रदायों में इन विषयों को लेकर भिन्न-भिन्न शिक्षाएँ देखने को मिलती हैं। लेकिन क्या हम इन मान्यताओं को पवित्रशास्त्र की कसौटी पर परखते हैं?
‘विवाह, विवाह-विच्छेद और पुनर्विवाह’ एक ऐसी पुस्तक है जो पाठकों को इन तीनों महत्वपूर्ण विषयों का बाइबल के प्रकाश में गंभीरता से अध्ययन करने के लिए आमंत्रित करती है।
जैक, बेन और फिली नामक तीन काल्पनिक पात्रों के बीच होने वाली विचारपूर्ण बातचीत के माध्यम से यह पुस्तक विवाह की स्थापना, विवाह की पवित्रता, विवाह-विच्छेद के कारणों और पुनर्विवाह से जुड़े विभिन्न प्रश्नों पर चर्चा करती है। इसमें विवाह की प्रचलित परंपराओं, कलीसियाई रीति-रिवाजों और उन मान्यताओं की भी जाँच की गई है जिन्हें अक्सर पवित्रशास्त्र की शिक्षा समझ लिया जाता है।
भारतीय मसीही संस्कृति और परिवेश को ध्यान में रखकर लिखी गई यह पुस्तक पाठकों को प्रचलित धारणाओं से आगे बढ़कर परमेश्वर के वचन का स्वयं अध्ययन करने और सत्य को समझने के लिए प्रेरित करती है।
इस पुस्तक में आप क्या जानेंगे?
- पवित्रशास्त्र के अनुसार विवाह: विवाह की स्थापना, उसका उद्देश्य और पति-पत्नी के बीच वैवाहिक बंधन की गंभीरता।
- विवाह और कलीसियाई परंपराएँ: विवाह कहाँ संपन्न होना चाहिए, कौन विवाह करा सकता है और विवाह से जुड़ी विभिन्न प्रचलित रीति-रिवाजों की बाइबल के प्रकाश में जाँच।
- विवाह-विच्छेद के कारण: वैवाहिक जीवन में उत्पन्न होने वाली समस्याओं, पति-पत्नी की जिम्मेदारियों और विवाह-विच्छेद से जुड़े प्रश्नों पर विचार।
- पुनर्विवाह का प्रश्न: पुनर्विवाह से संबंधित पवित्रशास्त्र के विभिन्न संदर्भों, शिक्षाओं और उनकी व्याख्याओं का अध्ययन।
- परंपरा और पवित्रशास्त्र: प्रचलित धार्मिक मान्यताओं और बाइबल की वास्तविक शिक्षा के बीच अंतर को समझने का प्रयास।
पढ़िए, विचार कीजिए और पवित्रशास्त्र को स्वयं परखिए
यह पुस्तक किसी का न्याय करने या किसी विशेष परंपरा का समर्थन अथवा विरोध करने के उद्देश्य से नहीं लिखी गई है। इसका उद्देश्य पाठकों को पवित्रशास्त्र के आधार पर इन गंभीर विषयों की जाँच करने और सही समझ विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
चाहे आप विवाह करने की तैयारी कर रहे हों, विवाहित जीवन में हों, किसी वैवाहिक कठिनाई का सामना कर रहे हों या इन विषयों पर बाइबल की शिक्षा को गहराई से समझना चाहते हों, यह पुस्तक आपको गंभीर अध्ययन और आत्ममंथन के लिए प्रेरित करेगी।
परमेश्वर के वचन को अपना मार्गदर्शक बनाइए और विवाह के इस पवित्र बंधन को समझने के लिए समय निकालिए।
यह पुस्तक गंभीर और परिपक्व पाठकों के लिए है।
Book Details
- Title: विवाह, विवाह-विच्छेद और पुनर्विवाह
- Language: Hindi
- Author: Richwords
- Publisher: Richwords
- Publication Year: 2026
- ISBN: 978-93-5810-406-6
- Pages: 161 (PDF pages)
- Original Edition: Marriage, Divorce and Remarriage (English)
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